एमडी ड्रग की एक और फैक्ट्री पकड़ी
जोधपुर, 23 फरवरी । बाड़मेर के सेड़वा थाना इलाके के सिंहार गांव में मुर्गीपालन की आड़ में चली रही एमडी ड्रग फैक्ट्री को पुलिस और एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) ने पकड़ा है। एमडी बनाने के लिए 150 लीटर केमिकल 15 ड्रम भरकर 40 किमी दूर धोरों में छुपा रखा था। कार्रवाई के दौरान एमडी ड्रग, पाउडर, रसायन और मशीनरी सहित करीब 8.50 करोड़ रुपए का सामान जब्त किया गया है। मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन आरोपी फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्करों ने करीब 15 दिन पहले ही ड्रग बनाने का सेटअप तैयार किया था और एमडी की पहली खेप गुजरात सप्लाई करने की तैयारी में थे। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
फरवरी महीने की यह चौथी बड़ी कार्रवाई है। सेड़वा के सिंहार गांव में दबिश देकर पुलिस ने ड्रग फैक्ट्री से 4 किलो 73 ग्राम तैयार एमडी, 34.746 लीटर लिक्विड केमिकल, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, अमोनिया, एसीटोन, 48 किलो 21 ग्राम सफेद व काला पाउडर तथा 540 ग्राम डोडा-पोस्त सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 8.50 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने खेत मालिक आदम खान को गिरफ्तार किया है, जबकि करीम पुत्र अरबाब निवासी सिंहार और नवलाराम व जीयाराम निवासी दीपला सहित तीन आरोपी फरार है, जिनकी तलाश में विशेष टीमें जुटी है।
पुलिस टीम ने सिंहार गांव में आदम खान के खेत पर दबिश दी। खेत में मुर्गीपालन के नाम पर बने दो कमरों के पीछे एक छप्पर में ड्रग निर्माण का पूरा सेटअप मिला। यहां अलग-अलग प्रकार के उपकरण, केमिकल की बोतलें, पाउडर और कांच की तीन बड़ी ट्रे में तैयार हो रहा मादक पदार्थ बरामद किया गया। एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया- रविवार को सेड़वा थाने के बीट कॉन्स्टेबल गंगाराम को सूचना मिली थी कि सिंहार गांव में एमडी की फैक्ट्री संचालित हो रही है। सूचना पर चौहटन डीएसपी जेठाराम और सेड़वा थानाधिकारी प्रभुराम मय पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचे। पूछताछ में सामने आया कि एमडी की पहली किश्त तैयार कर गुजरात समेत अन्य राज्यों में सप्लाई की तैयारी थी।
आरोपियों ने चालीस किमी दूर चौहटन थाना क्षेत्र के रोहडय़िों का तला, बावड़ी कल्ला में केमिकल के ड्रम छिपाकर रखे थे। यहां से 150 लीटर के तीन ड्रम और 5 लीटर के 12 ड्रम बरामद किए गए। एक संदिग्ध को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि बाड़मेर की सीमा गुजरात से सटी होने और भारतमाला हाईवे की उपलब्धता के कारण तस्करों को आवागमन में आसानी रहती है। पश्चिमी राजस्थान पहले से मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज से संवेदनशील रहा है। जल्दी पैसा कमाने की चाह में युवा इस अवैध कारोबार की ओर आकर्षित हो रहे है। पुलिस ने अवैध ड्रग तस्करों की सूची तैयार कर रखी है और उसी आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच धनाऊ थानाधिकारी को सौंपी गई है। जिले में ड्रग नेटवर्क लगातार उजागर हो रहा है। पिछले सात माह में पुलिस पांच ड्रग फैक्ट्रियां पकड़ चुकी है। इनमें से सेड़वा थाना क्षेत्र में तीन, जबकि सदर और धोरीमन्ना थाना क्षेत्रों में एक-एक फैक्ट्री पकड़ी गई। जिले में अब तक सात ड्रग फैक्ट्रियों का खुलासा हो चुका है।