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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की भूमि नामान्तरण दुरस्त करने की मांग

जयपुर, 18 फ़रवरी । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राजस्थान विश्वविद्यालय इकाई के बैनर तले बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए महाराजा कॉलेज एवं महारानी कॉलेज की भूमि अन्य संस्थानों को हस्तांतरित किए जाने का विरोध जताया और कुलगुरु को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय की भूमि वापस करो और शैक्षणिक परिसरों को अतिक्रमण मुक्त करो जैसे नारों से परिसर को गुंजायमान कर दिया।

इकाई अध्यक्ष अभिषेक मीणा ने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय प्रदेश का गौरव है, लेकिन विश्वविद्यालय के अधीन महाराजा कॉलेज और महारानी कॉलेज की भूमि के मालिकाना हक को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में इन कॉलेजों की भूमि (महाराजा कॉलेज 48 बीघा 10 बिस्वा तथा महारानी कॉलेज 29 बीघा 17 बिस्वा) का स्वामित्व विश्वविद्यालय के स्थान पर अन्य सरकारी विभागों जैसे जेडीए एवं नगर निगम के नाम दर्ज हो जाना चिंताजनक है।

अखिल भारतीय राज्य विश्वविद्यालय संयोजक भारत भूषण यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय की खाली पड़ी भूमि पर बाहरी हस्तक्षेप और अवैध कब्जे की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे अतिक्रमण का खतरा बना हुआ है और शैक्षणिक विस्तार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक महत्व वाले इन कॉलेजों की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

महारानी कॉलेज इकाई अध्यक्ष शिवानी भादू ने कहा कि भूमि का स्वामित्व विश्वविद्यालय के पास न होने से भविष्य में नए भवनों के निर्माण और अनुसंधान केन्द्रों की स्थापना में बाधा उत्पन्न होगी। वहीं महाराजा कॉलेज अध्यक्ष रितेश शर्मा ने कहा कि महाराजा कॉलेज अपनी ऐतिहासिक विरासत और शैक्षणिक उत्कृष्टता के कारण पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है, इसलिए इसकी भूमि शीघ्र विश्वविद्यालय के नाम दर्ज की जानी चाहिए। इस दौरान राजस्थान विश्वविद्यालय इकाई मंत्री मीनाक्षी शर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विष्णु कुमार मीणा, इकाई मंत्री संकित यादव, महारानी कॉलेज इकाई मंत्री वंशिका सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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