सोनभद्र: दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की कठोर की सजा
सोनभद्र, 12 जनवरी । अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट की अदालत ने सोमवार को करीब साढ़े छह वर्ष पूर्व एक नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म के दोषी द्वारिका धरिकार को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर 40 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक पीड़ित पिता ने 26 जुलाई 2019 को म्योरपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर द्वारिका धरिकार 16 जुलाई 2019 को रात्रि 8 बजे कहीं भगा ले गया था। तहरीर पर म्योरपुर पुलिस ने 26 जुलाई 2019 को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। इस दौरान दुष्कर्म की धारा की बढ़ाई गई। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने द्वारिका धरिकार के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी द्वारिका धरिकार को 20 वर्ष की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही, अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रूपये पीड़ित को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।