एसआईआर में जनता को असुविधा न हो, निर्वाचन विभाग विशेष ध्यान दे : राज्यपाल
शिमला, 25 जनवरी । राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन विभाग से कहा कि अन्य राज्यों की तरह हिमाचल में भी यह प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और जनहित में हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
राज्यपाल रविवार को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस और हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व दिवस की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस वर्ष चुनाव आयोग ने ‘माई इंडिया, माई वोट’ को मतदाता महोत्सव का मूल संदेश तय किया है, जो लोकतंत्र में हर नागरिक की भागीदारी को मजबूत करता है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने एक संवैधानिक संस्था के रूप में पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के जरिए दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। आज देश के नागरिकों को आयोग पर गर्व है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उसके काम की सराहना होती है। उन्होंने सभी नागरिकों से धर्म, जाति और वर्ग के भेद से ऊपर उठकर मतदान के अधिकार का उपयोग करने की अपील की।
उन्होंने वर्ष 2025 में हिमाचल में मतदाता पंजीकरण को लेकर निर्वाचन विभाग के प्रयासों की सराहना की, खासकर युवाओं और महिलाओं को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए चलाए गए अभियानों की। राज्यपाल ने बताया कि सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र और चंबा के भरमौर जनजातीय क्षेत्र में विशेष प्रयासों से महिला मतदाताओं का अनुपात बढ़ा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
राज्यपाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता की भी प्रशंसा की, जिन्हें सितंबर 2025 में यूरोप के मालदोवा में हुए चुनाव में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया था। उन्होंने कहा कि उनके कार्य से प्रदेश और देश का मान बढ़ा है।
इससे पहले मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य मतदाताओं को सम्मान देना और लोकतंत्र की नींव रखने वाले राष्ट्र निर्माताओं को याद करना है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव 2024 के बाद मतदाता सूची में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। एसआईआर प्रक्रिया के तहत 6 जनवरी 2025 से अब तक करीब 91 हजार नए मतदाता जोड़े गए हैं, जबकि डेढ़ लाख से ज्यादा प्रविष्टियों में सुधार किया गया है। साथ ही 64 हजार से अधिक अपात्र नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।