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उत्तर प्रदेश निर्यात एक्सपो 9 और 10 जनवरी को आगरा में,

आगरा में दो दिवसीय उत्तर प्रदेश निर्यात सम्मेलन 9 जनवरी से शुरू होगा जिसमें आगरा और अलीगढ़ मंडल के निर्यातक सम्मिलित रहेंगे। इस सम्मेलन के दौरान निर्यात को बढ़ावा देने,उद्यमियों और उद्योगों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रचलित सरकारी योजनाओं और अनुदानों के संबंध में जागरूक किया जाएगा और भारतीय उत्पादों का किन देशों में ज्यादा बाजार और भविष्य है, इसके बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

वर्ष 2026 एंटीप्रिंन्योर और निर्यात से जुड़े युवा उद्धमियों में लिए नई ऊर्जा का संचार करेगा। उत्तर प्रदेश निर्यात एक्सपो 9 और 10 जनवरी को आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में आयोजित किया जा रहा है जिसमें आगरा व अलीगढ़ मंडल के करीब 600 से अधिक निर्यातक, उद्यमी सम्मिलित रहेंगे। इस कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, विदेशी व्यापार महानिदेशालय के प्रतिनिधियों के अलावा 15 से अधिक व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान युवाओं को नए उद्यम स्थापित करने, बाजार की मांग और जरूरत, और स्थान के हिसाब से उद्योगों को स्थापित करने और इस दौरान आने वाली समस्याओं पर विचार मंथन किया जाएगा। उद्योगों के लिए निर्यात के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला जाएगा।

एमएसएमई के संयुक्त आयुक्त अनुज कुमार ने बताया कि आगरा -अलीगढ़ मंडल से 8 से 10 हजार करोड रुपए का निर्यात होता है, इसमें पेठा, जूता, कांच, चावल, हींग हार्डवेयर, ताले, फर्नीचर, मार्बल स्टोन, गारमेंट्स, सेनेटरी फिटिंग, कारपेट उत्पाद प्रमुख हैं। अकेले आगरा से 6000 करोड रुपए का निर्यात होता है। एक्सपो में उद्यम स्थापित करने के लिए या प्रचलित उद्योगों के लिए सरकारी योजनाओ, अनुदान ओडीओपी आदि के संबंध में उद्यमियों को नई-नई जानकारी दी जाएगी। इसके लिए उद्योग विभाग ने मर्चेंट चैंबर से संपर्क कर डिजिटल स्लाइड और साहित्य तैयार किए गए हैं जिसका प्रदर्शन सम्मेलन के दौरान किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने बताया कि उत्तर प्रदेश से विभिन्न व्यापारिक उत्पादों का 1.86 लाख करोड रुपए का निर्यात किया जाता है। वर्ष 2030 तक इसको दोगुना करने का लक्ष्य है। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में निर्यात किसी भी राष्ट्र की आर्थिक मजबूती का प्रमुख आधार है। उत्तर प्रदेश में एमएसएमई, ओडीओपी, कृषि, हस्तशिल्प, चमड़ा, फुटवियर, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा की अपार संभावनाएं हैं। यह सिंपोजियम नीति, उद्योग और बाजार के बीच सीधा संवाद स्थापित कर निर्यात वृद्धि के लिए ठोस आधार तैयार करेगा। एक्सपो में निर्यातकों को वर्तमान में निर्यात के क्षेत्र में बढ़ रहे चैलेंज को देखते हुए अपने उत्पाद की गुणवत्ता, उच्च कोटि की पैकेजिंग के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। कई ऐसे उत्पाद है जिनका निर्यात संभव है और व्यापारी अभी इससे अनभिज्ञ हैं,ऐसे उद्यमियों को नए-नए उत्पादों के बारे में जानकारी दी जाएगी जिनका निर्यात संभव है।

एफमेक के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने बताया कि संगोष्ठी में वैश्विक व्यापार रुझान, उभरते अंतरराष्ट्रीय बाजार, ब्रांड इंडिया सुदृढ़ीकरण, मुक्त व्यापार समझौते, व्यापार कूटनीति, क्षेत्र-विशिष्ट निर्यात अवसर, निर्यात क्लस्टर विकास, आपूर्ति श्रृंखला एवं लॉजिस्टिक्स आधुनिकीकरण, हरित निर्यात, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग, निर्यात वित्तपोषण, बीमा और जोखिम प्रबंधन जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर समग्र चर्चा होगी, जिससे निर्यातकों के लिए स्पष्ट और प्रभावी रोडमैप तैयार किया जा सके।

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