कांग्रेस का घेराव नहीं, हताशा और बौखलाहट का प्रदर्शन : विकास केड़िया
केड़िया ने कहा कि जब मामला न्यायालय में है और फैसला आ चुका है, तब सड़क पर उतरकर दबाव बनाने की राजनीति न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि अराजकता और राजनीतिक हताशा का प्रतीक है। कांग्रेस सत्यमेव जयते का नारा देकर आज सत्य की आड़ में असत्य, भ्रम और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रही है।
भाजपा कार्यालय का घेराव न तो लोकतांत्रिक है और न ही नैतिक, यह केवल अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने और जनता को गुमराह करने की नाकाम कोशिश है।
केड़िया ने कांग्रेस को याद दिलाया कि आपातकाल लगाने वाली पार्टी, न्यायपालिका पर हमला करने वाली पार्टी, आज लोकतंत्र और संविधान की दुहाई दे रही है, जिसे जनता भली-भांति समझ चुकी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा न धमकियों से डरती है, न घेराव की राजनीति से झुकती है। भाजपा के कार्यकर्ता कानून और संविधान में विश्वास रखते हैं,लेकिन अराजकता और दबाव की राजनीति का जवाब मजबूती और लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।यदि कांग्रेस को न्याय चाहिए तो अदालत का रास्ता खुला है।सड़क पर हंगामा कर न फैसले बदले जा सकते हैं और न ही सत्य को दबाया जा सकता है।
अंत में केड़िया ने कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, पर पराजित नहीं। भाजपा डटी है और डटी रहेगी।