इंदौरः जनसुनवाई में कलेक्टर ने आवेदकों को दी तत्काल राहत, कई आवेदनों का तत्काल समाधान
जनसुनवाई में भरण-पोषण, आर्थिक सहायता, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विवादों सहित विभिन्न प्रकार के आवेदन प्राप्त हुए। जहां तत्काल सहायता संभव थी, वहां स्वास्थ्य जांच, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और अन्य आवश्यक कार्यवाही उसी समय की गई। जनसुनवाई के दौरान बालिका याशिका को शिक्षा के लिए मदद दी गई। वहीं सविंद नगर निवासी अंबिका वर्मा ने परिजनों द्वारा प्रताड़ित किए जाने व संपत्ति संरक्षण की मांग की। कलेक्टर वर्मा ने यह प्रकरण मध्यस्थता केंद्र को सौंपते हुए इसके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
इसी प्रकार विसवीर सिंह की बालिका के जटिल इलाज हेतु 40 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई। एक दिव्यांग युवती को 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई तथा दिव्यांग शकुंतला बाई को रेड क्रॉस से सिलाई मशीन उपलब्ध कराकर रोजगार हेतु सहयोग प्रदान किया गया। जनसुनवाई में आये सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित एक बच्चे के लिए डीडीआरसी केंद्र में फिजियोथेरेपी और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई तथा परिवार को नियमित उपचार संबंधी मार्गदर्शन दिया गया।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि पारिवारिक और अन्य छोटे विवादों के संबंध में हमारी प्राथमिकता मध्यस्थता के माध्यम से समाधान निकालने की रहती है और आवश्यकता होने पर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। जनसुनवाई में अपोलो हाईलाईट स्ट्रीट मॉल के रहवासी कलेक्टर से मिले। उन्होंने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि क्षेत्र में संचालित एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा रात में तेज आवाज में म्यूजिक बजाया जाता है, इससे बेहद परेशानी होती है। कलेक्टर ने प्राप्त शिकायत पर संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रतिष्ठान को चेतावनी देते हुए शोर बंद कराया जाए। बंद नहीं करने पर कठोर कार्रवाई की जाए। एक महिला ने डॉक्टर द्वारा अभद्रता किए जाने तथा एफआईआर के बाद भी गिरफ्तारी न होने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर कलेक्टर ने इसे गंभीर बताते हुए पुलिस व महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर वर्मा ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन में जिले की रैंकिंग में लगातार सुधार हो रहा है । जिले में जनसमस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।