रायपुर : बैज रूदाली-प्रलाप करने से पहले अपने शासनकाल की वादाखिलाफी याद रखें : कश्यप
प्रदेश के वन मंत्री कश्यप ने कहा कि बैज को रूदाली-प्रलाप करने से पहले अपने शासनकाल की वादाखिलाफी को ध्यान में रखना चाहिए। भाजपा के वादों और मोदी की गारंटी पर सवाल उठाने का तो बैज को कोई नैतिक अधिकार ही नहीं है। सन 2018 के चुनाव में छत्तीसगढ़ से छत्तीस वादे करके उन वादों से साफ मुकरकर प्रदेश की जनता से छलकपट करने वाली कांग्रेस आज भाजपा के वादों पर ज्ञान बाँटने की निर्लज्जता का प्रदर्शन कर रही है। खुद राहुल गांधी ने 2018 में छत्तीसगढ़ में घूम-घूमकर फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने, किसानों का प्रति एकड़ २० क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था, पर प्रदेश में सरकार में बनने के बाद राहुल गांधी ने न तो इस बारे में एक शब्द कहा, न ही प्रदेश सरकार को तलब किया। पूर्ण शराब बंदी का वादा तो भ्रष्टाचार के दलदल में धँस गया, रोजगार के नाम पर पीएससी का घोटाला कर दिया, महिलाओं को 500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया पर फूटी कौड़ी नहीं दी, बेरोजगारी भत्ता के नाम पर युवा बेरोजगारों के साथ छल किया। तब बैज मुँह में दही अमाए क्यों बैठे थे? क्यों उन्होंने अपनी भूपेश सरकार के कामकाज पर सवाल नहीं उठाए?
प्रदेश के वन मंत्री कश्यप ने नवा रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक वृक्ष लगाने पर तंज कसने और हसदेव-तमनार में वृक्षों की कटाई पर विलाप करने पर कहा कि बैज की भूलने की बीमारी अब एक बहुचर्चित फिल्म के नायक जैसी हो चली है। बैज कम-से-कम इतना तो याद रखें कि हसदेव-तमनार में जो पेड़ कट रहे हैं, उन खदानों की लीज कांग्रेस की भूपेश सरकार ने ही दी थी। श्री कश्यय ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से आज प्रदेश विकसित छत्तीसगढ़ बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। भ्रष्टाचार व राजनीति का अपराधीकरण करने और नक्सलियों से भाईचारा निभाने में मशगूल कांग्रेस विकास का यह विजन कभी ला ही नहीं सकी।