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आधारहीन और अमर्यादित बयानबाजी के लिए सदन और प्रदेश से माफी मांगे राजस्व मंत्री : रणधीर शर्मा

उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने न सिर्फ विषय से भटकाने की कोशिश की, बल्कि प्रत्याहीन, निराधार और अमर्यादित टिप्पणियां करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर टिप्पणी करके लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया। भाजपा इसकी कड़ी निंदा करती है।

शुक्रवार को विपक्ष लॉन्ज पर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए रणधीर शर्मा ने कहा कि चर्चा का मुद्दा था पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव समय पर क्यों नहीं कराए जा रहे। परंतु मंत्री इस विषय पर बोलने की बजाय दूसरों पर अनर्गल आरोप लगाने में व्यस्त रहे। सरकार आपदा का बहाना, डिजास्टर एक्ट का हवाला देकर चुनाव टालने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि सरकार की अपनी आंतरिक खींचतान के कारण राजस्व मंत्री सीधे निशाने पर थे। इसी दबाव और हताशा के कारण मंत्री ने मुख्य विषय से हटकर संघ, नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेताओं पर टिप्पणियां कीं।

विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि इस वर्ष संघ का शताब्दी वर्ष है और देशभर में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इन कार्यक्रमों में उमड़ी भारी संख्या ने कांग्रेस की नींद उड़ा दी है, इसलिए मंत्री की टिप्पणियां सामने आ रही हैं।

विधायक ने कहा कि हिमाचल में भारी आपदा के बाद पुनर्निर्माण, राहत कार्य और पुनर्वास कार्यों की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी राजस्व मंत्री की है। लेकिन मंत्री इन कार्यों से ध्यान हटाकर धारा 118 में छूट, राजनीतिक आरोपों और विवादों में उलझे हैं। उन्होंने कहा कि घर की समस्याओं का गुस्सा दूसरों पर निकालना ठीक नहीं। जनता ने आपको राहत और पुनर्वास का काम सौंपा है, उसी पर ध्यान दें। चुनाव टालने का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने से सच्चाई नहीं छिपेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री अपनी आधारहीन बयानबाजी के लिए सदन और प्रदेश से माफी मांगें।

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