1857 से आज तक राष्ट्र निर्माण में वीरांगनाओं की अहम भूमिका : डॉ. पल्लवी
झांसी, 13 नवम्बर । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झांसी महानगर द्वारा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती के अवसर पर मणिकर्णिका सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में झांसी के विभिन्न परिसरों में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्राओं के बीच में कराई गई और 500 से अधिक छात्राओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. पल्लवी सिन्हा ने कहा कि 1857 से लेकर आज 2025 तक वीरांगनाओं ने राष्ट्र निर्माण में बहुत ही अहम भूमिका निभाई है और आज मातृ शक्ति को किसी भी सशक्तीकरण की आवश्यकता नहीं है वे आज मातृभूमि की रक्षा उतनी ही बराबरी से कर रही है जितना कि पुरुष करते हैं।
उन्होंने बताया कि अभाविप छात्राओं के लिए राष्ट्रहित में कार्य करता है। अभाविप ने महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, और सशक्तिकरण को प्रमुखता दी है। इसके तहत उन्होंने अभाविप के ‘मिशन साहसी’ पहल की भी सराहना की जिसमें छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाता है।
विशिष्ट अतिथि डॉक्टर जिज्ञासा तिवारी ने बताया कि आज एक लड़की स्वयं वीरांगना लक्ष्मी बाई के भांति अपने व्यक्ति निर्माण से लेकर राष्ट्र के पुनः निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर रही है और आगे बढ़ रही है। इसके अलावा, अभाविप “मिशन साहसी” जैसे अभियानों के माध्यम से महिलाओं के लिए जनजागरण और सशक्तिकरण पर कार्य करता है, जो शिक्षा, रोजगार, सम्मान और स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर काम करता है। कई स्थानीय और राष्ट्रीय संगोष्ठियां, सम्मेलनों और अभियान आयोजित कर अभाविप महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाने में जुटा रहता है। अभाविप का मानना है कि महिला सशक्तिकरण आवश्यक है और इसके लिए उन्हें शिक्षा से लेकर रोजगार तक समान अवसर और सुरक्षा दी जानी चाहिए, जिससे वे समाज में स्वतंत्र और स्वावलम्बी बन सकें।
महानगर उपाध्यक्ष डॉ रानी शर्मा द्वारा कार्यक्रम की प्रस्ताविकी रखी गई। महानगर सह मंत्री शिवानी यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन परी साहू ने किया। इस दौरान प्रान्त सहसंगठन मंत्री तरुण बाजपेई, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनेन्द्र गौर, प्रान्त सहमंत्री हर्ष जैन, डॉ पुनीत श्रीवास्तव, डॉ गिरजा सिंह, शुभम चतुर्वेदी, फिरोज खान, सूर्य प्रताप, आयुष्मान, श्यामजी शर्मा, दर्शन तहकित, शनि शर्मा, तेजस प्रताप लवकुश पटेल, सत्यम राजपूत विशाल अहिरवार, हर्षवर्धन, हर्ष साहू, अंशिका श्रीवास, श्वेता राजपूत, पायल राजपूत, अंकित शुक्ला, सत्यम कुशवाहा, अभिषेक शुक्ला आदि कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।