बलिया में लावारिस शवों को कंधा देगा देवाश्रम
देवाश्रम से जुड़े लोगों ने इसकी शुरुआत कर दी है।
संस्था के द्वारा पहले हिन्दू पुरुष के शव का अन्तिम संस्कार अवधूत सन्त निबहना बाबा मुक्ति धाम गढ़मलपुर में किया गयाl इसकी जानकारी देते हुए देवाश्रम के जिला संरक्षक डा. कुंवर अरुण सिंह ने बताया कि सहतवार पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के बाद अन्तिम संस्कार हेतु एक अज्ञात हिन्दू पुरुष का शव निःशुल्क दिया गया। बांस के बने विमान पर सजाये गए शव को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र व सुरेन्द्र यादव सहित अंतिम संस्कार दल के अलावा आम लोगों ने भी शव का माल्यार्पण किया। गाजे बाजे की धुन के साथ राम नाम सत्य है व जय शिव जय शव के उद्घोष के साथ शव को कंधे पर लिए हुए लावारिस शव यात्रा को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ संतपति स्वामी शिव नारायण सम्प्रदाय के जगत गुरु स्वामी अमरजीत साहेब ने सफ़ेद झंडी दिखाकर पोस्टमार्टम हाउस से रवाना किया।
प्रथम लावारिस शव यात्रा के गढ़मलपुर पहुंचते ही देवाश्रम के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष लक्ष्मीशंकर सिंह के नेतृत्व में अंतिम संस्कार दल के अध्यक्ष दीप नारायण सिंह, अनिल प्रताप नारायण सिंह उर्फ़ भगत सिंह, शंकर गोंड, गणेश प्रसाद, रामाश्रय वर्मा, महाजन गुप्ता, अनुज प्रताप सेंगर, विमलेश वर्मा, मन्नन सिंह, वीरबहादुर, वीर शर्मा, विशाल तिवारी, आशीष दूबे, नाम देव सिंह, सहित मऊ से आए मनोज कुमार सिंह, अंकुर पाण्डेय, अभिषेक प्रकाश सेंगर व काफी संख्या में ग्रामीणों ने संकीर्तन करते हुए लावारिस शव को मुक्ति धाम पर पहले से सजायी गई चिता पर रखा। जहां संत अवधूत सन्त निबहना बाबा मुक्ति धाम गढ़मलपुर में पूरे विधि विधान से शव का अंतिम संस्कार किया गया।
लावारिस शव को कंधा देने वालों में अभिषेक प्रकाश सेंगर व अंकुर दूबे आदि प्रमुख रहे। देवाश्रम के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह मुखाग्नि प्रदान दी। बलिया के इस प्रथम लावारिस शव के अंतिम संस्कार का सम्पूर्ण खर्च उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह द्वारा अपने पिता स्व. विंध्याचल सिंह की स्मृति में वहन किया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने देवाश्रम के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह को अपने निजी धन से एक लाख रूपये नकद प्रदान किये। प्रबंध निदेशक पीएन सिंह ने बताया कि इस राशि को देवाश्रम के अंतिम संस्कार निधि में जमा कराया जायेगा, ताकि उसके ब्याज से प्रतिवर्ष एक लावारिस शव का अंतिम संस्कार अनादि काल तक होता रहेगा। जिस भी लावारिस शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा उसका अस्थि कलश देवाश्रम के पास संरक्षित रहेगा जो ज्ञात होने पर उनके परिजनों को निःशुल्क सौंप दिया जायेगा।