मुख्यमंत्री से पत्रकार स्व राजीव के परिजनों ने की मुलाकात
बता दें कि रविवार को दीपावाली से ठीक एक दिन पहले देहरादून स्थित गांधी पार्क में उत्तरकाशी के स्वतंत्र पत्रकार स्व० राजीव प्रताप की सात माह से गर्भवती धर्मपत्नी मुस्कान, राजीव के पिता मुरारी लाल, राजीव की माताजी सोनिका देवी अन्य समर्थकों के साथ धरना पर बैठे गई थे। मामले की भनक लगते ही पूर्व जिलाध्यक्ष पंचायत उत्तरकाशी अध्यक्ष एवं भाजपा नेता दीपक बिजल्वाण ने धरना स्थल पर पहुंच कर पीडित परिवार की मांग को जायज ठहराया है।
उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को वार्ता के लिए अपने आवास बुलाया है। भाजपा नेता दीपक बिजल्वाण के नेतृत्व में रविवार रात्रि को
वार्ता में परिवार जनों ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाएगा।
बताया दें कि पत्रकार स्व राजीव प्रताप के परिजन, उत्तरकाशी जनपद के लोग, कई सामाजिक संगठन देहरादून के गांधी पार्क में राजीव प्रताप को न्याय दिलाने के लिए और उनकी मृत्यु की सच्चाई सामने लाने बाबत सीबीआई की जांच करवाने के साथ साथ उनकी सात माह की गर्भवती पत्नी को स्थाई रोजगार के लिए वे भी उनके साथ धरने पर बैठे थे।
ज्ञापन देने वालों में स्वर के पत्रकार की पत्नी एवं उनके माता-पिता समेत पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, एडवोकेट संदीप चमोली, प्रदीप भट्ट,लक्ष्मण भंडारी और डॉ० चंद्रलाल भारती, विकास कुमार, जयप्रकाश कोहली आदि मौजूद रहे।
बता दें कि 18 सितंबर को रात से 11:40 बजे रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुआ था। अगले दिन उनकी कार भागीरथी नदी के किनारे मिली लेकिन 11 दिनों तक उनका कोई पता नहीं चल पाया था। 28 सितंबर को जोशियाडा झील से उनका शाव बरामद हुआ था। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय जनता गहन चिंता एवं असमंजस में थे।
परिवारजनों ने अपहरण साजिश की आंशका व्यक्त की थी उत्तरकाशी पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज की थी बाद में पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर एस आईटी गठित की गई थी। पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार के नेतृत्व में गठित एस आईटी ने बताया कि अब तक तमाम जांच में स्वर्गीय राजीव प्रताप की मृत्यु वाहन दुर्घटना बताई गई है।