परंपरा और संस्कृति को सहेजर भावी पीढ़ी तक पहुंचाएं आदिवासी : सांसद
कार्यक्रम में सांसद कालीचरण मुंडा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सांसद के आगमन पर ग्राम प्रधान, समिति के सदस्य और ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-पाठ और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ की गई।
इस दौरान ग्रामसभा के युवाओं ने फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें आसपास के गांवों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं, स्थानीय कलाकारों ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े गीत और नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को झूमाया।
मौके पर सांसद ने कहा कि सोहराई केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन और पशुधन के साथ हमारे जीवन के गहरे रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व आदिवासी समाज की कला, परंपरा, मेहनत और सामाजिक एकता की अभिव्यक्ति है। सांसद ने लोगों से अपनी संस्कृति को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परंपरा को संरक्षित रखकर ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है।
मौके पर भारत मुंडा समाज के अध्यक्ष सुशील पाहन, कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मो नईमुद्दीन खां, सांसद प्रतिनिधि विक्रम नाग, अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला समूह और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थेे।