कुतों की नहीं हुई नसबंदी, एनजीओ को ब्लेक लिस्टेड करने की तैयारी
काफी लेटलतीफी व पत्रचार के बाद हरियाणा की एनजीओ के कर्मचारी नगर निगम धमतरी में आवारा कुत्तों के नसबंदी करने पहुंची। निगम से जारी टेंडर के अनुसार शहर के सभी 40 वार्डाें से पकड़कर 416 आवारा कुत्तों का नसबंदी किया जाना था। टीम के कर्मचारी नसबंदी के लिए प्रकि्रया भी शुरू कर दिया था। नसबंदी के लिए शहर के आवारा कुत्तों को पकड़कर रख भी लिया था, लेकिन पकड़े गए आवारा कुत्ताें में से तीन कुत्ता भाग निकले। इसके बाद एनजीओ के टीम को क्या हुआ, यह समझ से परे है। आवारा कुत्तों के नसबंदी करने की बजाय बोरिया-बिस्तर लेकर निगम में किसी तरह जानकारी दिए बगैर ही वापस चले गए, ऐसे में शहर के आवारा कुत्तों का नसबंदी फिलहाल ठंडे बस्ते में है। जबकि निगम प्रशासन द्वारा जारी टेंडर के अनुसार जुलाई 2025 में आवारा कुत्तों का नसबंदी शुरू हो जाना था।
इस संबंध में नगर निगम धमतरी के स्वास्थ्य विभाग के सभापति नीलेश लुनिया ने बताया कि हरियाणा के एनजीओ आवारा कुत्तों के नसबंदी किए बगैर ही चला गया, जो उचित नहीं है। टेंडर लेकर एनजीओ ने काम नहीं किया है, ऐसे में इसके खिलाफ अब निगम प्रशासन प्रशासन जल्द ही ब्लेक लिस्टेड की कार्रवाई करेगा। वहीं एनजीओ के जमा अमानत राशि को भी राजसात किया जाएगा। फिलहाल शहर के आवारा कुत्तों की नसबंदी के कार्य बंद है। आवारा कुत्तों के नसबंदी के लिए निगम प्रशासन दोबारा टेंडर जारी करेगा। इसके लिए निगम प्रशासन की ओर से निर्णय लिय जाएगा, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।