कांग्रेस ने दिल्ली में प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री का लगाया आरोप
दिल्ली सरकार ग्रीन पटाखों की बात पिछले दो हफ्ते से कर रही है लेकिन प्रतिबंधित पटाखों पर नियंत्रण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल करने के लिए कोई कदम नही उठा रही है।
देवेंद्र यादव ने रविवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि ग्रीन पटाखों की अनुमति के बाद दीपावली पर पटाखों के इस्तेमाल 40 प्रतिशत बढ़ सकता है, जिसकी आड़ में राजधानी में प्रतिबंधित पटाखों की खुली बिक्री के कारण दीपावली के बाद भारी प्रदूषण होगा, जिसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। दिल्ली में ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति की आड़ में प्रतिबंधित पटाखे नजदीकी क्षेत्रो गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद से बड़ी संख्या में दिल्ली में आ रहे है, जिस पर निगरानी के लिए दिल्ली की रेखा गुप्ता का का कोई नियंत्रण नही है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि एक अध्ययन में सामने आया है जिसमें आधे से अधिक लोगों ने परम्परागत प्रतिबंधित पटाखे चलाने को स्वीकारा है। मतलब साफ है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री दिल्ली एनसीआर में धडल्ले से हो रही है। उन्हांने कहा कि पिछले साल पूरी तरह से पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद भी लोगों ने नियम तोड़कर पटाखे जलाए थे, जिससे दीपावली के बाद वायु प्रदूषण में भारी वृद्धि हुई थी।
देवेंद्र यादव ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि अगर दीपावली पर ज्यादा पटाखे जलाए गए तो 21 अक्टूबर को वायु प्रदूषण की स्थिति बहुत खतरनाक स्तर पर पहुंच सकती है। जिससे सांस के मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा और आंखों में जलन जैसी समस्या भी हो सकती है। सड़कों पर अधिक संख्या में वाहनों की मौजूदी और ट्रैफिक जाम के कारण वाहनों का उर्त्सजन और स्थानीय कारकों से पहले ही एक्यूआई 300 के पार दर्ज हो रहा है। आनन्द विहार में एक्यूआई 396, वजीरपुर में 353 के साथ जहांगीरपुरी, बवाना, द्वारका सेक्टर 8, सिरी फोर्ट, औखला फेस-2, विवेक विहार, मथुरा रोड़ और धौला कुंआ पर एक्यूआई 300 के पार बेहद खराब श्रेणी में प्रदूषण रहा।