मुख्यमंत्री वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में हुए एनडीएमसी के कार्यक्रम में शामिल हुई
मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ महर्षि वाल्मीकि ने अपनी रचना रामायण के माध्यम से यह संदेश दिया कि समाज की वास्तविक शक्ति उसमें निहित करुणा, समानता और श्रम की गरिमा में है। उन्होंने उस युग में भी बताया कि किसी की उत्पत्ति नहीं, बल्कि उसका कर्म ही उसकी पहचान है।”
उन्होंने कहा, “आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यही भाव अंत्योदय के रूप में साकार हो रहा है जहां समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की हर किरण पहुंचाना ही हमारा धर्म है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीएमसी द्वारा हजारों मेहनती कर्मचारी भाई-बहनों का नियमितीकरण इसी समता, सम्मान और श्रम के मूल्यों को सशक्त बनाने का उत्कृष्ट उदाहरण है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि जब हर व्यक्ति को अवसर और सम्मान मिलेगा, तभी समाज और राष्ट्र सच्चे अर्थों में विकसित होगा।