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डॉ. जितेंद्र सिंह ने की आईआईएसएफ 2025 की तैयारियों की समीक्षा, छात्रों तक व्यापक पहुंच का किया आह्वान

डॉ. जितेंद्र सिंह ने नोडल विभाग को प्रत्येक ज़िले में युवाओं के सहयोग से “विज्ञान संचार केंद्र” बनाने और शहर के सार्वजनिक स्थलों पर महोत्सव से जुड़ी जानकारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्टार्टअप बूथ और नागरिक-विज्ञान प्रदर्शनियों को आयोजन स्थल के डिज़ाइन के साथ एकीकृत करने के निर्देश दिए ताकि छात्र नवाचार क्षेत्रों, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और जन-सहभागिता के लिए जगह सुनिश्चित की जा सके।

बैठक के दौरान, डॉ. जितेंद्र सिंह ने आईआईएसएफ से जुड़ी प्रदर्शनियों और सम्मेलनों में स्टार्टअप्स को शामिल करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने मंत्रालय के सचिवों से अंतिम मंज़ूरियों में तेज़ी लाने, मंत्रालयों के बीच समन्वय और मीडिया साझेदारी को सुचारू रूप से लागू करने का आह्वान किया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बैठक में कहा कि यह महोत्सव वैज्ञानिक प्रगति के प्रदर्शन से हटकर एक सहभागी सार्वजनिक आयोजन बन गया है, जिसका उद्देश्य विज्ञान, छात्रों और समाज के बीच सेतु का काम करना है। इस महोत्सव के तहत जागरूकता अभियानों पर ज़ोर देना स्थानीय रुचि जगाने और आईआईएसएफ को न केवल वैज्ञानिकों के लिए एक गंतव्य, बल्कि पूरे क्षेत्र के स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए एक ज़रूरी आयोजन बनाने में केंद्र की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।

इस अवसर पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन, परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव प्रो. अभय करंदीकर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोखले और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग के सचिव एवं सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी उपस्थित रहे।

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