जींद :राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने किया स्कूलों का दौरा
बच्चों ने शिक्षा, खेलकूद, स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी विभिन्न मुद्दों को आयोग के समक्ष रखा। आयोग के सदस्यों ने विद्यालय प्रशासन को बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यह सुनिश्चित करने की बात कही कि किसी भी बच्चे के अधिकारों का उल्लंघन न हो। आयोग ने आश्वासन दिया कि वह बच्चों के अधिकारों की रक्षा हेतु लगातार निगरानी रखेगा और आवश्यकता पडऩे पर उचित कार्रवाई भी करेगा।
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य मीना शर्मा ने बच्चों को पोक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण देने के उद्देश्य से पॉक्सो प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट अधिनियम बनाया गया है। इस अधिनियम को महिला और बाल विकास मंत्रालय ने वर्ष 2012 में पॉक्सो एक्ट 2012 के नाम से बनाया है। इस कानून के तहत नाबालिग बच्चों के प्रति यौन उत्पीडऩ, यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है। इस कानून के तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा निर्धारित है। यह अधिनियम पूरे भारत में लागू है।