आचार्य बालकृष्ण विश्व रैंकिंग के शीर्ष 2 फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में पुनः शामिल
आचार्य बालकृष्ण के मार्गदर्शन से 300 से अधिक शोध लेखों का प्रकाशन अंतरराष्ट्रीय रिसर्च जर्नल्स में किया गया है। उनके निर्देशन में पतंजलि ने 100 से अधिक साक्ष्य-आधारित आयुर्वेदिक औषधियों को विकसित किया गया है। योग और आयुर्वेद पर 120 से अधिक पुस्तकों और 25 से अधिक अप्रकाशित प्राचीन आयुर्वेद पांडुलिपियों का लेखन उनके आयुर्वेद के प्रति आस्था एवं समर्पण का परिणाम है।
इस उपलब्धि पर सोमवार को स्वामी रामदेव ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण ने न केवल आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ स्थापित किया है, बल्कि विश्वभर के शोधकर्ताओं के लिए आयुर्वेद में शोध के नए द्वार भी खोले हैं। उन्होंने आगे कहा कि विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में सम्मिलित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और सनातन आयुर्वेदिक ज्ञान में अपार संभावनाएं छिपी हैं। स्वामी जी ने इसे भारत की अनुसंधान क्षमता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि भारत के सनातन ज्ञान को साक्ष्य-आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण के धरातल पर प्रमाणित कर महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनके द्वारा किए गए शोध कार्य, विश्व भर के वैज्ञानिकों के लिए प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से जुड़ें भविष्य के शोध कार्यों के लिए मार्ग प्रशस्त करेंगे।