धोखाधड़ी के आरोप में गाजियाबाद और दिल्ली निवासी दो लोगों पर कोर्ट के आदेश से केस दर्ज
थाना मझोला के मोहल्ला रामतलैया लाइनपार निवासी अधिवक्ता हर्षित शर्मा के अनुसार उनके यहां गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर-4 निवासी वीरेन्द्र सक्सेना उर्फ विकास सक्सेना की फर्म ने टीन शेड बनाया था। तभी से उसका घर पर आना-जाना हो गया था और परिवार के लोग उस पर विश्वास करने लगे थे। हर्षित के अनुसार जनवरी 2023 में विकास ने उनसे कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट में वेकेंसी निकली है, आप आवेदन कर दो। उसने यह भी कहा कि नई दिल्ली के गोल मार्केट निवासी शशि कुमार उसके मित्र हैं और वहीं हाईकोर्ट में काम करते हैं, वह आपकी नौकरी लगवा देंगे।
इसके कुछ दिन बाद विकास एक व्यक्ति को लेकर हर्षित के घर पहुंचा और उसका परिचय शशि कुमार के रूप में दिया। इसके बाद शशि कुमार ने कहा कि आपकी नौकरी लग जाएगी, इसके लिए एक लाख रुपये एडवांस देने होंगे। शेष पांच लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने पड़ेंगे। इसके बाद उसने हर्षित से शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लिए और कुछ कागज पर हस्ताक्षर करा लिए। हर्षित ने विकास के कहने पर 15 मार्च 2023 को शशि कुमार को एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। नौकरी नहीं लगी तो रकम वापस मांगने पर देने से मना कर दिया और धमकी दी। इसकी शिकायत मझोला थाने पर की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बाद में कोर्ट में अर्जी लगा दी। मामले में सीजेएम कोर्ट ने एफआईआर के आदेश दिए।
सिविल लाइन सर्किल के क्षेत्राधिकारी कुलदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मझोला थाना पुलिस ने दोनों नामजद आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी कर रकम हड़पने और धमकी देने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।