शिमला में आवारा कुत्तों का कहर, मेयर के इस्तीफे की मांग
शिमला में आवारा कुत्तों का कहर, मेयर के इस्तीफे की मांग
शिमला, 1 मई (हि.स.)। शिमला शहर में आवारा कुत्तों के आतंक ने एक बार फिर शहरवासियों को हिला कर रख दिया जब आठ साल के एक मासूम बच्चे को कुत्तों के झुंड ने बुरी तरह से काट कर घायल कर दिया। यह दर्दनाक घटना आम नागरिकों में आक्रोश का कारण बन गई है।
नेशनल असिस्टेंट चीफ एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स के राष्ट्रीय सहायक नाथूराम चौहान ने इस घटना की तीव्र निंदा करते हुए इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया। उन्होंने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि शिमला जैसे शिक्षित और जागरूक राज्य में ऐसी घटनाएं प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती हैं। शुक्र है कि बच्चे की जान बच गई, वरना स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
नाथूराम चौहान ने कहा कि शिमला नगर निगम के मेयर का वो बयान दुर्भाग्यपूर्ण है, जिनमे उन्होंने कुत्तों के हमले को ‘रोजमर्रा की घटना’ बताया था। चौहान ने कहा कि अगर मेयर की सोच ऐसी है तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद नगर निगम की बैठक में भी स्थिति विस्फोटक हो गई। कांग्रेस के ही पार्षद मेयर से उलझ गए और कहासुनी के बीच मामला हाथापाई तक पहुंच गया। राजनीतिक मंच पर ऐसी स्थिति पहली बार देखी गई, जो कि ‘सभ्य समाज के लिए शर्मनाक’ करार दिया।
बता दें कि घटना के विरोध में बच्चे के परिजन ने मेयर कार्यालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया है, वहीं शहरवासियों की भी मांग है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान दे और ठोस कदम उठाए ताकि भविष्य में कोई और मासूम इस तरह का शिकार न बने।
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