गुना : लोकमाता अहिल्याबाई नारी शक्ति का प्रतीक : मधुबाला
गुना : लोकमाता अहिल्याबाई नारी शक्ति का प्रतीक : मधुबाला
गुना, 15 मई (हि.स.)। लोकमाता माँ अहिल्याबाई नारी शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई काम किए। उनके द्वारा विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित और बाल विवाह पर रोक लगा कर नारी सशक्तिकरण की दिशा में अनुकरणीय कार्य किया गया। यह बात शिक्षाविद् डॉ. श्रीमती मधुबाला सक्सेना ने कही। श्रीमती सक्सेना गुरुवार को लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पखवाड़े के तहत आयोजित व्याख्यानमाला को मुख्य वक्ता के रुप में संबोधित कर रहीं थीं।
कार्यक्रम में अतिथि वक्ता सेवानिवृत्त प्राध्यापक डा. सतीश चतुर्वेदी द्वारा अहिल्याबाई के जीवन इतिहास की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि कैसे एक साधारण बालिका एक महान वीरांगना एवं कुशल शासक लोकमाता अहिल्याबाई बनकर आज विद्यमान है? उन्होंने कहा कि वह एक दार्शनिक रानी थी । जिनके निर्णयों की प्रासंगिकता आज भी दिखाई देती है, उनकी सरलता सहजता ग्रामत्व और राजत्व को मिलाकर उन्होंने कार्य किया, वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष आशीष मंगल नेदेवी अहिल्याबाई के राजमाता से लोकमाता बनने के सफर, महिला सशक्तिकरण, सैन्य शक्ति की मजबूती, अस्त्र-शास्त्र के निर्माण में आत्मनिर्भरता, सामाजिक भेदभाव को खत्म करना आदि की जानकारी दी।
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