ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक से जैश-लश्कर ठिकाने ध्वस्त किए!
भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है। यह कार्रवाई पहलगाम हमले के 15 दिन बाद की गई है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया। यह हमले बुधवार रात एक बजे के करीब किए गए। भारतीय सेना के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य आतंकी संगठनों की उच्च कमान को खत्म करना था। हालाँकि, यह भी बताया गया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को लक्षित नहीं किया गया। इस ऑपरेशन के तहत बहावलपुर, मुरीदके, बाघ, कोटली, और मुजफ्फराबाद जैसे स्थानों पर सटीक हमले किए गए।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बहावलपुर में हुए हमले में 30 आतंकियों की मौत की पुष्टि हुई है, और इस ठिकाने पर जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय मौजूद था। भारतीय सेना ने इस तरह की कार्रवाई में सुसाइड ड्रोन का भी इस्तेमाल किया, जिससे हमले की सटीकता में वृद्धि हुई। सूत्रों का कहना है कि भारत ने यह हमले अपनी धरती से किए और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इन्हें अंजाम देने के लिए ठिकानों के लोकेशन प्रदान किए।
इस बीच, देश की 244 जगहों पर आज सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, जिसमें युद्ध के समय नागरिकों को बचाने के उपायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, भारतीय एयरफोर्स भी पाकिस्तान के बॉर्डर के नजदीक हवाई अभ्यास कर रही है। यह एक्सरसाइज दो दिनों तक चलेगी और इसमें सभी प्रमुख सेन्य विमानों का इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे समय में, जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है, इस मॉक ड्रिल का आयोजन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहलगाम हमले को लेकर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को हमले के तीन दिन पहले इंटेलिजेंस रिपोर्ट मिली थी, जिसके चलते उन्होंने अपना कश्मीर दौरा रद्द किया। लेकिन आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने कोई ठोस व्यवस्थाएं नहीं कीं, जिसके परिणामस्वरूप कई निर्दोष नागरिकों की जान गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि इंटेलिजेंस की विफलता के बावजूद मौजूदा सरकार ने अपनी जिम्मेदारी को ठीक से नहीं निभाया।
इसके अलावा, भारत ने चिनाब नदी पर स्थित सियाल और बगलिहार बांध के गेट बंद करके पाकिस्तान में जल संकट की स्थिति पैदा की है। इस निर्णय से पाकिस्तान के 24 शहरों में 3 करोड़ से ज्यादा लोग पीने के पानी की कमी का सामना कर रहे हैं। वहीं, भारत-पाक तनाव पर यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की बैठक में पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया गया। यह सब घटनाएँ दिखाती हैं कि क्षेत्र में स्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं, और वैश्विक स्तर पर भी इस पर प्रभाव पड़ रहा है।
भारत और ब्रिटेन के बीच एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया गया है, जिससे कई वस्तुएं सस्ती होने की संभावना है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि दो साल की बातचीत के बाद संभव हुई है। ऐसे समय में जब भारत में अर्थव्यवस्था को गति देने की कोशिशें चल रही हैं, यह समझौता दोनों देशों के लिए लाभदायक प्रतीत हो रहा है।
इस प्रकार, वर्तमान में भारत के सामने विभिन्न चुनौतियाँ और अवसर हैं, जिसमें विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा, और आर्थिक विकास शामिल हैं। इन सभी मुद्दों पर सरकार की रणनीतियाँ आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण साबित होंगी।