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कांग्रेस ने विजय शाह के खिलाफ माेर्चा खाेला, राजभवन जाएंगे कांग्रेसी, पटवारी बोले- ऑन-द-स्पॉट गिरफ्तारी हो

कांग्रेस ने विजय शाह के खिलाफ माेर्चा खाेला, राजभवन जाएंगे कांग्रेसी, पटवारी बोले- ऑन-द-स्पॉट गिरफ्तारी हो

भाेपाल, 15 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद भी फिलहाल उनका इस्तीफा नहीं होगा। विजय शाह इस मामले में राहत के लिए दरवाजा खटखटाने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। उधर कांग्रेस ने विजय शाह के इस्तीफे को लेकर मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि मंत्री विजय शाह की ऑन-द-स्पॉट गिरफ्तारी हो। दूसरी तरफ शुक्रवार को कांग्रेस नेता राज्यपाल से मिलने राजभवन जाएंगे।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने गुरुवार काे अपने निवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि “हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ 4 घंटे में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिस को कोर्ट का आदेश पालन करने में 8 घंटे का वक्त लग गया। डीजीपी इस मामले में मुख्यमंत्री के बेंगलुरु से वापस लौटने का इंतजार करते रहे। मुख्यमंत्री को मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए था, लेकिन सरकार और बीजेपी इस एफआईआर को निरस्त कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से राहत की कोशिश में जुट गई है। विजय शाह से जो गलती हुई, उन्होंने जो विवाद पैदा करने की कोशिश की, यह वही विचार है, जो बीजेपी फैलाती है।

राजभवन जाएंगे कांग्रेस नेता

जीतू पटवारी ने कहा कि जब तक मंत्री विजय शाह की बर्खास्तगी नहीं होती कांग्रेस अपना धर्म निभाती रहेगी। कार्रवाई न करने के विरोध में कांग्रेस मौन व्रत और उपवास रखकर भी विरोध जताएगी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों का प्रतिनिधिमंडल 16 मई को सुबह 10.30 बजे महामहिम राज्यपाल से भेंट करेगा। प्रतिनिधिमंडल द्वारा महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर मंत्री विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी उठाए सवाल

उमंग सिंघार ने कहा कि मंत्री विजय शाह का इस्तीफा लिया जाए। भाजपा के मंत्री विजय शाह पर कोर्ट के आदेश के बाद एफआइआर दर्ज हुई है। जब विजय शाह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार पर अभद्र टिप्पणी करते हैं, तो भाजपा उनसे इस्तीफा ले लेती है, लेकिन जब वही मंत्री सेना की बहादुर अफसर पर अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी करते हैं, तो मुख्यमंत्री जी “मौन” साध लेते हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा के लिए “पार्टी पहले, देश बाद में” का सिद्धांत ही सर्वोपरि है। मंत्री पद पर बैठा व्यक्ति यदि भारतीय सेना की बहादुर महिला अधिकारी के लिए ऐसी सोच रखता है, तो यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश और देश के लिए अपमानजनक भी है। मंत्री विजय शाह से इस्तीफा लिया जाए।

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