News Chetna

सच की ताजगी, आपकी अपेक्षा

Punjab

ब्रिटिश संसद में पहलगाम हमला: ढेसी का शोक, बॉब का आरोप- लश्कर बेगुनाहों पर वार

कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले पर ब्रिटेन की संसद में गहरी चिंता और संवेदना व्यक्त की गई है। इस हमले के परिणामस्वरूप 26 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 17 अन्य घायल हो गए हैं। ब्रिटिश सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी और उनके साथी बॉब ब्लैकमैन ने बुधवार को संसद में इस विषय को उठाते हुए इस हमले को “कायराना, जानलेवा और चौंकाने वाला” करार दिया है। सांसद ढेसी ने कहा, “मैं इस सप्ताह कश्मीर में निर्दोष पर्यटकों पर हुए इस कायराना और घातक हमले को लेकर अत्यंत दुखी हूं। इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और मैं आशा करता हूं कि दोषियों को जल्द ही न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।”

सांसद ढेसी ने इस अवसर पर भारतीय जनता के प्रति ब्रिटिश संसद की संवेदनाओं को व्यक्त करने की अपील की और इस अमानवीय हमले की कड़ी निंदा की। दूसरी ओर, बॉब ब्लैकमैन ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह आतंकवादी हमला हिंदू पर्यटकों के खिलाफ था और इसमें 26 लोगों की दुखद मृत्यु हुई। उन्होंने कहा कि लश्कर ए तैयबा जैसे पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन बेगुनाह लोगों को निशाना बना रहे हैं, और उनकी सरकार से अपील की कि वह इन आतंकियों को रोकने और उन्हें न्याय के कठघरे में लाने में भारत का पूरा समर्थन करे।

ब्रिटिश संसद के लीडर ऑफ द हाउस ने भी सांसद ढेसी की बात का समर्थन करते हुए कहा कि यह हमला भयावह और विनाशकारी है। उन्होंने इसे एक कायराना हरकत भी बताया और कहा कि उनके पास उन सभी के लिए गहरी संवेदनाएं हैं, विशेषकर उन परिवारों के लिए जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। यह समय आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दर्शाने का है और ब्रिटेन भारत के साथ इस मामले में खड़ा है।

यह चर्चा ब्रिटिश संसद में भारत के प्रति सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय मोर्चा बनाने के संकेत देती है। सांसद ढेसी द्वारा पहले भी भारत से जुड़े मानवाधिकार मुद्दों को उठाने का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे यह साबित होता है कि वह भारतीय मुद्दों को लेकर संवेदनशील हैं और उन्हें парлаमेंट में प्रमुखता से उठाते रहते हैं। इस प्रकार का समर्थन अप्रत्याशित नहीं है, क्योंकि ब्रिटिश संसद में भारतीय मामलों पर गहरी समझ और सहयोग के संकेत बढ़ते रहे हैं।

कुल मिलाकर, इस आम सहमति से यह स्पष्ट होता है कि ब्रिटेन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है और इस तरह के कृत्यों की कड़ी निंदा की जा रही है। यह घटना न केवल भारतीय सामाजिक परिदृश्य को प्रभावित करती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आतंकवाद के खिलाफ मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देती है।

Leave a Reply