शहीद बाबा जीवन सिंह गुरुद्वारे में खालसा दिवस का भव्य जश्न!
**अमृतसर सिटी |** अमृतसर में गुरु की वडाली स्थित शिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह जी गुरुद्वारे में 13 अप्रैल को खालसा दिवस बैसाखी के उपलक्ष्य में एक भव्य धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। इस समागम के दौरान रागी सिंहों द्वारा गुरु जी की स्तुति में भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए, जिसने संगत को आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया। इस भव्य आयोजन की मेज़बानी जत्थेदार जसवंत सिंह, जत्थेदार तारा सिंह, बाबा तार सिंह, और परमजीत सिंह पम्मा के नेतृत्व में की गई।
समागम में संगत की भक्ति और श्रद्धा देखने लायक थी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालू और सिख समुदाय के लोग एकत्र हुए थे। इस अवसर पर जत्थेदार कुलवंत सिंह, जत्थेदार जागीर सिंह, और निहंग सिंह सहित अनेक महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने भाग लिया। इन सभी ने श्रद्धा भाव के साथ कार्यक्रम में शिरकत की और संगत को अपनी बातों से प्रेरित किया। निहंग सिंहों के उपस्थिति ने इस धार्मिक समागम की दिव्यता को और बढ़ा दिया।
समागम के दौरान दशमेश तुरना दल बाबा हिम्मत सिंह के जत्थे के मुखी जत्थेदार बाबा हीरा सिंह जी कोट खालसा भी मौजूद थे। उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव के माध्यम से संगत को प्रेरित किया और खालसा तत्त्व की महत्ता पर जोर दिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में सिख धर्म की शिक्षा फैलाना और एकजुटता को बढ़ावा देना था, जो खालसा दिवस की आत्मा है।
बैसाखी का पर्व सिख समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन सिखों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतीक है। इस अवसर पर गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। धार्मिक समागम में शामिल सभी भक्तों ने इस पवित्र दिन को मनाकर अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया। अमृतसर सिटी में इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी होते हैं, जो लोगों को आपस में जोड़ते हैं।
इस भव्य समारोह ने एक बार फिर से दर्शाया कि सिख समुदाय अपनी धार्मिक परंपराओं को बनाए रखते हुए एकजुटता और भाईचारे की नींव पर खड़ा है। इस धार्मिक समागम में भाग लेने वाले सभी लोगों ने मिलकर प्रार्थना की कि वे हमेशा गुरु के मार्ग पर चलते रहें और सिख धर्म की शिक्षाओं का पालन करें। इस तरह के आयोजनों से समाज में सच्चे भाईचारे और एकता का संदेश फैलता है।