News Chetna

सच की ताजगी, आपकी अपेक्षा

Rajasthan

राजस्थान से 28 पाकिस्तानी निष्कासन, 500 का क्या होगा भविष्य? वीजा नीति पर उठे सवाल!

पाकिस्तान से आए नागरिकों को भारत में वापस भेजने की प्रक्रिया को लेकर हाल ही में केन्द्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। खासकर, पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद इस दिशा में तेजी लाई गई है। राजस्थान के प्रशासन ने इस विशेष अभियान की शुरुआत करते हुए शुक्रवार को 28 पाकिस्तानी नागरिकों को पाकिस्तान के लिए रवाना किया। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्य मुख्यमंत्रियों से अपील की थी कि वे अपने-अपने राज्यों से कम वीजा अवधि वाले पाकिस्तानी नागरिकों को स्वदेश लौटाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दें।

इस प्रक्रिया के तहत सबसे पहले उन नागरिकों को चिह्नित किया जा रहा है जिनके पास कम अवधि के वीजा हैं। राजस्थान में, जोधपुर, फलौदी और बालोतरा क्षेत्रों से 28 पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इन नागरिकों के वीजा से संबंधित गाइडलाइनों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। इसी संदर्भ में, शुक्रवार को सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें शॉर्ट टर्म वीजा वाले नागरिकों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द वापस भेजने के निर्देश दिए गए।

कुल मिलाकर, राजस्थान में लगभग 30 हजार पाकिस्तानी नागरिकों का निवास है, जिनमें से 500 के पास शॉर्ट टर्म वीजा है जबकि शेष 29,500 के पास लंबी अवधि के वीजा हैं। यह भी ध्यान में रखना आवश्यक है कि इन्हीं लंबी वीजा अवधि वाले नागरिकों के लिए अभी तक कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं आई है। केन्द्र सरकार की योजना के अनुसार, जहां शॉर्ट टर्म वीजा वाले नागरिकों को 27 अप्रैल तक वापस जाना होगा, वहीं मेडिकल वीजा वाले लोगों के लिए अंतिम तिथि 29 अप्रैल निर्धारित की गई है।

अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान लौटने वाले इन नागरिकों के लिए यह ज्ञात करना महत्वपूर्ण है कि यदि कोई नागरिक निर्धारित समय के बाद भारत में ठहरता है तो इसे अवैध माना जाएगा और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान के अधिकांश पाकिस्तानी नागरिक हिंदू हैं, जो जोधपुर, जैसलमेर तथा बाड़मेर जिलो में निवास करते हैं। उनके भारत आने का मुख्य कारण यहां की धार्मिक स्थलों का दौरा या रिश्तेदारों से मिलना होता है। ऐसे नागरिक सामान्यतया शॉर्ट टर्म वीजा पर आते हैं और अब केन्द्र सरकार के आदेश के अनुसार, उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया को तेजी से सुनिश्चित किया जा रहा है।

पाकिस्तान से आए नागरिकों से जुड़ी जानकारी से स्पष्ट होता है कि भारत सरकार के नए कदमों का सबसे बड़ा प्रभाव उन हिंदू परिवारों पर पड़ रहा है जो राजस्थान में रह रहे हैं। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद इस तरह की सुरक्षा-सम्बंधी सूचनाओं की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। यह स्थिति राजस्थान के पाकिस्तानी नागरिकों के लिए नई चुनौतियाँ पैदा कर रही है।

Leave a Reply