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पंजाब चुनाव 2027 की रणनीति: दिल्ली में आज कांग्रेस नेताओं का बड़ा मंथन!

पंजाब कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, खासकर पहले हरियाणा और दिल्ली विधानसभा चुनावों में मिली हार से सीख लेते हुए। इस संदर्भ में, पार्टी के नए प्रभारी और पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी उपस्थित होंगे। मुख्यतः, लक्ष्य है राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का आकलन करना और अंदरूनी गुटबाजी को नियंत्रित करने के लिए ठोस रणनीति विकसित करना। हाल ही में गुटबाजी पर प्रभारी को सफाई देनी पड़ी थी, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाती है।

बैठक में पार्टी के नेतृत्व में बदलाव पर भी चर्चा की जाएगी। लोकसभा चुनावों के परिणामों से पंजाब कांग्रेस में आशा की एक नई किरण जगी है, जैसा कि पार्टी ने यहाँ की 13 सीटों में से 7 पर जीत हासिल की थी। इसके विपरीत, आम आदमी पार्टी ने 3 सीटें जीतीं और शेष अकाली दल और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। जबकि बीजेपी ने इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाया था। हालांकि, बीजेपी का वोट प्रतिशत तीसरे स्थान पर पहुंच गया था। इस संदर्भ में, हरियाणा में कांग्रेस और बीजेपी ने बराबरी से पांच-पांच सीटें जीतीं।

पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन जब पार्टी कार्यकर्ता ही इसे लेकर सवाल उठाने लगते हैं, तो यह सुर्खियों में आ जाता है। हाल ही में ‘जुड़ेगा ब्लॉक, जीतेगी कांग्रेस’ मुहिम के दौरान, डेराबस्सी में एक कार्यकर्ता ने सीनियर नेताओं के सामने गुटबाजी का मुद्दा उठाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि गुटों का बनना-टूटना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यह गुटबाजी पार्टी के लिए चुनौती बन गई है, जिसने पिछले चुनावों में कांग्रेस के सीटों को 58 से घटाकर 18 कर दिया।

दिल्ली चुनावों में हार के बाद, कांग्रेस ने जनवरी 2024 में देवेंद्र यादव को पंजाब का प्रभारी बना दिया था, लेकिन उन्होंने पार्टी के सीनियर नेताओं को एकत्रित करने में नाकाम रहे। उनके कार्यकाल में नवजोत सिंह सिद्धू जैसे बड़े नेता पार्टी मंच पर नजर नहीं आए। इसके बाद, भूपेश बघेल को नया प्रभारी बनाया गया। उन्होंने 24 फरवरी को अमृतसर में धार्मिक स्थलों पर जाकर अपना कार्यभार संभाला और अगले दिन चंडीगढ़ में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की।

हालांकि, गुटबाजी के बावजूद, हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर कांग्रेस एकजुट दिखी। जब ईडी ने भूपेश बघेल के घर पर छापा मारा, तो अनेक कांग्रेस नेताओं ने उनके समर्थन में बयान दिए। वरिष्ठ नेता शमशेर सिंह दूलो ने भी इस कार्रवाई की निंदा की। ईडी द्वारा सुखपाल सिंह खैहरा की संपत्ति जब्त करने के मामले में भी कांग्रेस ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पंजाब कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट है, और यह एकता अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बनेगी।

इस प्रकार, पंजाब कांग्रेस अपने गुटों को एकजुट करने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति बनाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है, ताकि एक मजबूत स्थिति में चुनावी मैदान में उतर सके।

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