संभल CO के बयान पर इमरान मसूद का तीखा हमला: सौहार्दता पर छाए संकट के बादल!
संभल के सीओ अनुज चौधरी द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान ने राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सीओ ने इस टिप्पणी की थी कि साल में 52 जुम्मा आते हैं, जबकि होली केवल एक बार मनाई जाती है। उनका यह कहना था कि जिन लोगों को यह लगता है कि होली का रंग उनके धर्म को नष्ट कर देगा, उन्हें अपने घर में रहना चाहिए। इस बयान के बाद से समाज में तीव्र प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। विपक्ष ने इसे भड़काऊ बयान करार दिया और भाजपा सरकार पर समाज को बांटने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा के नेता इसे विपक्ष की तुष्टिकरण की राजनीति के रूप में देख रहे हैं।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सीओ के इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठा अधिकारी इस तरह की भाषा का उपयोग नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी जोड़ते हुए कहा कि ऐसे भड़काऊ बयानों से समाज में सौहार्द कैसे बना रह सकता है। देश की आर्थिक स्थिति पर भी इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत एक भिखारी बनने की कगार पर है, क्योंकि उत्पादन में गिरावट के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई की स्थिति चिंताजनक है और भाजपा केवल हिंदू-मुस्लिम राजनीति में उलझी हुई है।
इमरान मसूद ने बिहार सरकार के मंत्री रत्नेश दादा द्वारा औरंगजेब के महिमामंडन की टिप्पणी पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इतिहास का सही अध्ययन होना चाहिए, ताकि लोग यह जान सकें कि कौन देश को गुलाम बनाता था। उनके तर्क के अनुसार, ऐसे लोगों को भी देश में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। साथ ही, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में होली मिलन समारोह की अनुमति ना मिलने पर छात्रों के बीच निराशा के बढ़ने की भी चर्चा हुई। मुस्लिम छात्रों के विरोध पर इमरान मसूद ने कहा कि यह प्रशासन का मामला है, जिसमें वह कुछ नहीं कहेंगे।
इमरान ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) पर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूछा कि क्यों केवल पाकिस्तान की बात होती है, जबकि चीन के कब्जे वाले हिस्से पर चर्चा नहीं की जाती? उनका मानना है कि भारत को केवल पाकिस्तान नहीं, बल्कि चीन को भी एक स्पष्ट संदेश देना चाहिए। असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के संबंध में दिए गए बयान पर भी मसूद ने निशाना साधा और भाजपा पर आरोप लगाया कि वह समाज में नफरत फैलाकर शासन करना चाहती है।
इस प्रकार, संभल से लेकर AMU और UCC तक के मुद्दों पर चल रही बयानबाजी से स्पष्ट है कि राजनीतिक दलों के बीच टकराव बढ़ रहा है। जबकि भाजपा विपक्ष पर तुष्टिकरण का आरोप लगा रही है, विपक्ष सरकार को समाज में मतभेद उत्पन्न करने और अर्थव्यवस्था को खराब करने के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। आने वाले चुनावों की तैयारी में यह बयानबाजी और अधिक तीव्र हो सकती है, जिससे राजनीति में एक नई गर्माहट देखने को मिल सकती है।