हनी सिंह का चौंकाने वाला रहस्योद्घाटन: नशे की लत में बर्बाद किए 7 साल, मांगी मौत की दुआ!
हनी सिंह, जिनका असली नाम हिरदेश सिंह है, आज अपने 42वें जन्मदिन मनाने के साथ-साथ अपने करियर के संघर्ष और सफलता का जश्न भी मना रहे हैं। वे उस कलाकार की कहानी हैं, जिन्होंने छोटे से शुरुआत की और आज देश के सबसे बड़े रैपर बन गए। हनी की ज़िंदगी में खिड़कियों के बिना बिताए 24 साल की यादें हैं, जो एक दम घुटने जैसा अनुभव थीं, लेकिन उन्होंने कभी सपने देखना नहीं छोड़ा। उनके गाने एक दशक से अधिक समय से हर शादी और क्लब की जान रहे हैं। हनी की सफलता के साथ-साथ विवादों का भी चक्र चलता रहता है। हाल ही में उनके नए गाने ‘मैनियक’ ने सुर्खियों में आने के साथ-साथ विवाद को भी अपने साथ लाया है।
हनी का बचपन दिल्ली की करमपुरा की एक रिफ्यूजी कॉलोनी में बीता। उनकी मां भूपिंदर कौर ने हमेशा उनके सपनों को सपोर्ट किया, जबकि पिता का उनके साथ रिश्ता कभी भी सहज नहीं रहा। हनी ने 13 साल की उम्र में नास्तिक बनने का फैसला किया और अपने बाल कटवा दिए, जिससे उनके परिवार में दूरियाँ बढ़ गईं। अपने पिता से संबंध खराब होने के कारण हनी ने कई साल अपने गुरु के दिए एक कमरों के फ्लैट में बिताए। फिर भी, हनी ने म्यूजिक की दुनिया में अपनी पहचान बनानी शुरू की। “ब्राउन रंग” उनका पहला सोलो गाना था, जिसने उन्हें पहचान दिलाई। यह गाना 2011 में रिलीज हुआ और यूट्यूब पर सबसे अधिक ट्रेडिंग वीडियो बन गया।
हालांकि, हनी सिंह की जिंदगी में सफलता के साथ-साथ नशे की एंट्री भी हुई। 2012 में, उनकी जिंदगी में शराब और अन्य नशों की लत लग गई, जिससे उनके रिश्ते और परिवार के साथ विवाद बढ़ने लगे। एक समय ऐसा भी आया, जब उनकी पत्नी शालिनी ने घरेलू हिंसा के आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। हनी सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया, जबकि शालिनी ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। हनी का कहना है कि इन सब चीजों से जूझते समय वे बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रसित हो गए थे और तीन साल तक अपने घर में ही कैद रहे।
हालांकि, संकट के इस समय में हनी ने अपने भीतर फिर से आस्था जगाई। उन्होंने भगवान शिव को अपना इष्ट देव मानते हुए पुनर्जन्म की तरह नई शुरुआत की। 2021 में हरिद्वार के नीलेश्वर धाम मंदिर में जाने के बाद उन्होंने अपने भीतर बदलाव महसूस किया। अब हनी सिंह अपने कमबैक की तैयारी में हैं, जिसमें उनके ‘ग्लोरी’ एलबम का हिस्सा है और जिसमें 10 गाने शामिल हैं। उन्होंने अगले दो-तीन सालों में अपने काम के माध्यम से दुनिया को चौंकाने का संकल्प लिया है।
इस बीच, हनी ने अपनी परिवार की ख्वाहिश का भी उल्लेख किया है और चाहते हैं कि उनकी पांच बेटियाँ हों, जो उनके संगीत की विरासत को आगे बढ़ाएँ। उनके जीवन की हर उतार-चढ़ाव ने उन्हें और मजबूत बना दिया है। हनी सिंह की कहानी न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्षों को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक कलाकार अपने सपनों की उड़ान भरता है, चाहे रास्ते में कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ।