64 साल बाद एक साथ होली-रमजान, हाई अलर्ट! ड्रोन से कसी जाएगी सुरक्षा निगरानी
**होली और नमाज का एक साथ आना: प्रशासन की चुनौतियाँ और प्रतिक्रियाएँ**
इस वर्ष 14 मार्च को होली और जुमे की नमाज का एक साथ आना एक अनोखा संयोग है। यह घटना 1961 के बाद पहली बार देखने को मिल रही है। उस समय 4 मार्च को होली का त्यौहार और रमजान का शुक्रवार एक ही दिन था। इस बार, जब होली का रंग और रमजान का महत्व दोनों एक साथ आ रहे हैं, तो पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उच्च सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। सीओ अनुज चौधरी ने इसी संदर्भ में कहा कि “जुमे की नमाज साल में 52 बार आती है, जबकि होली तो साल में केवल एक बार होती है।” उनका बयान इस मुद्दे पर चर्चा को और बढ़ावा देता है और समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता है।
अतीत में, जब होली और जुमे का दिन एक साथ आया है, तब कई जगहों पर विवाद और झड़पों की घटनाएँ देखी गई हैं। 2022 में कानपुर और लखनऊ में होली के दौरान हुई सांप्रदायिक झड़पों की घटनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि ऐसे मौके पर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है। दरअसल, बहराइच और संभल में हाल में हुई हिंसाओं ने भी प्रशासन को सचेत कर दिया है कि इस बार की स्थिति को गंभीरता से लिया जाए। सीओ अनुज चौधरी ने इस मामले में अपनी राय रखी, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि कोई रंग खेलने में संकोच करता है, तो वह नमाज अपने घर पर भी पढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विषय पर टिप्पणी करते हुए सीओ अनुज चौधरी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अनुज का बयान सच था और इस पर किसी को बुरा लगना चाहिए, यह उचित नहीं है। योगी ने यह भी कहा कि पीस कमेटी की बैठकें आयोजित की सलाह दी जा रही हैं ताकि साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखा जा सके। वहीं, समाजवादी पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव ने अनुज चौधरी पर आरोप लगाए, कि उन्होंने आग में घी डालने का काम किया।
इसी बीच, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के प्रमुख मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी इस ख़ास अवसर पर सहयोग का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने अपील की है कि जुमे की नमाज का समय बढ़ाया जाए ताकि दोनों समुदाय के लोग अपने-अपने धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित तरीके से मना सकें। डीजीपी ने भी विशेष निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात की जाए और स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत के माध्यम से आपसी सौहार्द को बनाए रखा जाए।
इस बार की होली और नमाज के एक साथ आने के कारण सभी का ध्यान सामुदायिक सौहार्द और शांति बनाए रखने पर है। पुलिस और प्रशासन सही दिशा में कदम उठाने के लिए तैयार हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को टाला जा सके। सभी से अपील की गई है कि वे संयम बनाए रखें और एक-दूसरे के त्योहारों का सम्मान करें।