जगराओं में सीवरेज मेनहोल से नशा विक्री, पार्षद ने तस्कर को रंगे हाथों पकड़ा!
लुधियाना के जगराओं में स्थित नशा मुक्ति केंद्र के समीप का वातावरण नशीली दवाओं की तस्करी के लिए एक प्रमुख स्थान बनता जा रहा है। यह जानकर आश्चर्य होता है कि तस्कर यहां सीवेज मेनहोल और नालियों का उपयोग करके नशीली दवाओं को छिपा रहे हैं। स्थानीय पार्षद रविंदरपाल राजू और आसपास के निवासियों ने जानकारी साझा की कि नशा मुक्ति केंद्र द्वारा दी जाने वाली दवाओं का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। प्राप्त दवाओं को नशे के आदी युवक पास की गलियों में बेच रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और अव्यवस्था पैदा हो रही है।
तस्करों की चालाकियों का एक और तरीका यह है कि वे नशीली गोलियों और कैप्सूल के पैकेटों को मेनहोल में छिपा देते हैं। इसके बाद, वे ग्राहकों से पैसा लेने के बाद उन्हें वहां से सामान लेने के लिए बुलाते हैं। इस भयावह स्थिति की जानकारी होने पर वार्ड पार्षद पति रोहित गोयल (रोकी) ने स्थानीय निवासियों के सहयोग से स्थिति पर निगरानी शुरू की। इसी प्रक्रिया में एक युवक को नशीले कैप्सूल के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया गया, जो इस संज्ञान को और भी गंभीर बनाता है।
नशा मुक्ति केंद्र की वजह से मोहल्ले के निवासी बेहद चिंता में हैं। उनका मानना है कि नशे के आदी युवकों की बढ़ती संख्या के कारण क्षेत्र की महिलाएं घर से बाहर निकलने से डर रही हैं। हाल ही में हुई एक घटना, जिसमें एक महिला शिक्षक का पर्स छीना गया, इस समस्या की व्याख्या करती है। स्थानीय लोग अब नशा मुक्ति केंद्र को रिहायशी इलाके से हटाने की सख्त मांग कर रहे हैं। इस बारे में जब पार्षद ने डॉक्टर से बात की, तो उन्होंने केवल लिखित शिकायत मांगी और अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षद का कहना है कि बड़ी संख्या में नशे के आदी युवक नशा मुक्ति केंद्र में जीभ के नीचे रखने वाली गोलियों के लिए आते हैं, जिसका लाभ तस्कर उठाते हैं और उन्हें नशे की अन्य गोलियां और कैप्सूल बेचते हैं। ऐसे मामलों के बढ़ने के कारण नशे के आदी युवक विभिन्न वारदातों को अंजाम देने में जुट जाते हैं। हाल ही में जब इन गोलियों की कमी हुई, तो नशा मुक्ति केंद्र में युवा बहुत हंगामा कर रहे थे, और उसी दिन एक महिला शिक्षक के साथ भी वारदात हुई थी, जिसके अपराधी अब तक पकड़े नहीं गए हैं।
इन घटनाओं के मद्देनजर, स्थानीय निवासियों ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों से सवाल उठाने और इस स्थिति को खत्म करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को बहाल किया जा सके। इसके लिए संगठित प्रयासों की जरूरत है, ताकि नशा तस्करी और दवाओं के दुरुपयोग पर नकेल कसी जा सके।