ओटीटी के दम पर बदली तकदीर: ‘रणबीर-शाहरुख जैसे स्टारडम का नहीं सहारा,’ बोले तनुज विरवानी!
बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाना कोई आसान काम नहीं है, और यह हर कलाकार के लिए एक चुनौतीपूर्ण यात्रा होती है। हाल ही में, अभिनेता तनुज विरवानी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में इस संघर्ष और संतोष के पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए। तनुज ने अपने करियर में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जैसे कि ‘इनसाइड एज’, ‘कोड M’, और ‘मुरशिद’, तथा हाल ही में उन्होंने फिल्म ‘लेट्स मीट’ में भी भूमिका निभाई है। उनके विचारों को साझा करते हुए यह निकलकर आता है कि संघर्ष की कहानी दरअसल एक सीखने की प्रक्रिया है।
तनुज ने अपनी बातों में बताया कि शुरुआती 10-12 वर्षों में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसा समय भी आया जब उन्हें लगा कि उन्हें अपने पिता के व्यवसाय में शामिल हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “कुछ शुरुआती फिल्मों के बाद काम नहीं मिल रहा था। उस समय वेब सीरीज का भी कोई विकल्प नहीं था, सिर्फ फिल्मों और टेलीविजन के माध्यम से ही कोशिश करनी पड़ती थी। लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म की शुरुआत ने मुझमें एक नई जान फूंक दी। ‘इनसाइड एज’ मेरे लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसने मुझे विभिन्न जॉनरों में काम करने का मौका दिया।”
जब तनुज से यह पूछा गया कि क्या वे अपने सफर से संतुष्ट हैं, तो उन्होंने कहा, “मैं अब भी संतुष्ट नहीं हूं। मैं अभी भी अपने भीतर की भूख को महसूस करता हूं। मेरी इच्छा है कि अच्छे लोगों के साथ काम करूं और हर नए प्रोजेक्ट से कुछ नया सीखूं। मैं एक्टिंग में किसी प्रकार की औपचारिक शिक्षा नहीं ले पाया, पर मैंने हमेशा सेट पर रहकर और दूसरों को देखकर सीखा है।” उनका यह मानना है कि हर नया प्रोजेक्ट उनके लिए एक नई चुनौती होती है, और वे खुद को हर बार साबित करने की कोशिश करते हैं।
तनुज के करियर में उन्होंने विभिन्न प्रकार के किरदार निभाए हैं, लेकिन वे यह स्वीकारते हैं कि कोई विशेष जॉनर नहीं है जो उन्हें सबसे अधिक पसंद हो। “मैं हर तरह के किरदार निभाना चाहता हूं। डार्क या मजेदार किरदार निभाने के बाद, किसी हल्की फिल्म की शोभा बढ़ाना पसंद करता हूं।” उन्होंने कहा कि वेब स्पेस के तेजी से बढ़ते रूपों में काम करना कलाकारों के लिए रोमांचक है।
तनुज ने भारतीय फिल्म उद्योग में हो रहे परिवर्तनों और संघर्षों के बारे में भी बात की। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ने बहुत सी चीजें बदल दी हैं, जैसे कि अब हर किसी की कहानी कहने का अवसर है। “आपको हमेशा सक्रिय रहना होता है। यदि आप बस बैठे रहते हैं और काम का इंतजार करते हैं, तो ऐसा नहीं होगा। ऑडिशन देने से आपकी कला निखरती है।”
हाल ही में पिता बने तनुज ने इस अनुभव को अपनी जिंदगी में एक नया दृष्टिकोण देने वाला बताया। “पिता बनना मेरी जिंदगी का सबसे बेहतरीन अहसास है। यह मेरे लिए एक नई जिम्मेदारी है और अब मेरा परिवार मेरी प्राथमिकता बन चुका है।” उन्होंने कहा कि अब काम में व्यस्त रहते हुए भी उन्हें घर की याद बनी रहती है। “अब वर्क-लाइफ बैलेंस बहुत जरूरी है, और मैं इस पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूँ। मेरी इच्छा है कि जब मेरी बेटी बड़ी हो, तो वह मुझ पर गर्व करे।”
इन सभी बातों से यह स्पष्ट होता है कि तनुज विरवानी एक मेहनती कलाकार हैं जो अपने करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुभव नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणादायक हैं, जो इंडस्ट्री में अपने रास्ते खोजने की यात्रा पर हैं।