गूगल मैप्स ने दिखाया गलत रास्ता: हरियाणा में ग्रीनफील्ड हाईवे की बंद सड़क से 10 KM की भटकन!
हरियाणा में ग्रीनफील्ड हाईवे का हालिया शुभारंभ, जो लगभग दो महीने पहले हुआ, अब यात्रियों के लिए समस्या का कारण बन रहा है। यात्रियों को गूगल मैप पर दिखाए गए रास्ते के चलते भटकना पड़ रहा है। इस नए हाईवे पर गूगल मैप की जानकारी अपडेट नहीं की गई है, जिसके परिणामस्वरूप, कुछ स्थानों पर गलत दिशा दिख रही है। इससे ऐसा लगता है कि जो रास्ता वास्तव में मौजूद नहीं है, वह दर्शाया जा रहा है, जबकि सही मार्ग गूगल मैप पर दिखाई नहीं दे रहा है। नतीजतन, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ जैसे स्थानों से हरियाणा आने वाले यात्री सोनीपत से जींद के बीच इस हाईवे पर आते हैं और 10 किलोमीटर तक भटकने के बाद सही रास्ते पर लौटते हैं।
दरअसल, ग्रीनफील्ड नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा से सोनीपत की ओर लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर गूगल मैप गाड़ी को हाईवे से नीचे उतरने का रास्ता दिखा रहा है। जबकि वास्तविकता में वहां कोई इंटरचेंज नहीं है। दिन के समय यात्री तो कुछ हद तक रास्ता देख लेते हैं, लेकिन रात के समय गूगल मैप के अनुरूप यात्रा करने पर दुर्घटनाएं हो सकती हैं, क्योंकि गाड़ी गड्ढे में गिर सकती है। यदि कोई वाहन सोनीपत की ओर से जींद के स्थानीय क्षेत्रों या सफीदों रोड की यात्रा कर रहा है, तो टोल प्लाजा से गुजरने के बाद सही मार्ग दिया गया है। लेकिन गूगल मैप की जानकारी गलत है, जिसके कारण यात्रियों को दिक्कतें आती हैं।
पंजाब के पटियाला, लुधियाना, संगरूर जैसे क्षेत्रों से दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाले वाहन चालक भी गूगल मैप के चलते गलत दिशा में जा रहे हैं। उन्होंने देखा है कि वे गूगल मैप में एक गलत रास्ता चुनकर भटक गए हैं। कई लोग जींद-गोहाना मार्ग पर टोल प्लाजा से बचने के लिए गूगल मैप पर दिए गए शॉर्टकट का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन जब वे आगे बढ़ते हैं तो उन्हें रास्ता बंद मिलता है। ऐसे में उन्हें वापस लौटकर टोल का भुगतान करना पड़ता है। ग्रीनफील्ड हाईवे की स्थिति यह है कि यह खुलने के बाद से गूगल मैप पर मौजूद पुरानी लोकेशन को अपडेट नहीं किया गया है।
इस समस्या के समाधान को लेकर जींद में रोड सेफ्टी कमेटी के गैर-सरकारी सदस्य सुनील वशिष्ठ ने कहा है कि इस मुद्दे को बैठक में उठाया जाएगा। वहीं, जींद के एडीसी विवेक आर्य ने भी आश्वासन दिया है कि यदि गूगल मैप में कोई तकनीकी पहलू है तो इसे लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा, साइबर एक्सपर्ट ईशान सिन्हा का कहना है कि गूगल मैप हमेशा सही रास्ता नहीं दिखाता है और उपयोगकर्ताओं को इसे ध्यान में रखकर ही यात्रा करनी चाहिए।
इस विषय पर चर्चा करते हुए, यह स्पष्ट है कि गूगल मैप एक उपयोगी डिजिटल उपकरण है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता पर पूरी तरह भरोसा करना सही नहीं है। तकनीकी खामियों के कारण कई बार गलत जानकारी प्रदर्शित हो सकती है। अतः यात्रियों को चाहिए कि वे गूगल मैप के अलावा अन्य तंत्रों का भी उपयोग करें और रास्तों की स्थिति का सत्यापन करें। सड़कों की सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकाला जाना आवश्यक है।