चंडीगढ़ में 95 वारदात के मास्टरमाइंड गिरफ्तार, एटीएम कार्ड से बुजुर्गों को बना रहे थे शिकार!
चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट क्राइम सेल (डीसीसी) ने एक संगठित ठगी के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एटीएम कियोस्क में लोगों के एटीएम कार्डों को बदलकर उनके खातों से धन निकालने का कार्य करते थे। चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरदीप कौर के अनुसार, इन दोनों आरोपियों ने अब तक चंडीगढ़, मोहाली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में लगभग 90 से 95 घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस ने कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से 69 एटीएम कार्ड, एक कार और कुछ नकद राशि भी बरामद की है।
पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया और चार दिनों के रिमांड पर लिया ताकि उनके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सके। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनास निवासी सुधीर कुमार और मोहाली, नयागांव निवासी सतीश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये लोग एटीएम कियोस्क में ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते थे, जिन्हें पैसे निकालने में परेशानी होती थी। वे मदद करने के बहाने पीड़ितों का एटीएम कार्ड और पिन नंबर हासिल कर लेते थे और फिर कार्ड को बदलकर, असली कार्ड के जरिए पैसे निकाल लेते थे। ये विशेष रूप से कॉलोनी के इलाकों में अपने अपराधों को अंजाम देते थे।
डीसीसी की टीम ने धनास पुलिस कॉम्प्लेक्स के नजदीक गश्त के दौरान एक मुखबिर से सूचना प्राप्त की कि सुधीर, सतीश और एक अन्य व्यक्ति सोनू बुजुर्गों तथा अनपढ़ लोगों की मदद के बहाने उनके एटीएम कार्ड बदलकर ठगी कर रहे हैं। पुलिस ने तुरंत एटीएम के पास आरोपियों को एक टैक्सी में देखा और उन्हें पकड़ लिया, जबकि सोनू मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। तलाशी के दौरान पुलिस को 69 अलग-अलग एटीएम कार्ड मिले, जो ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे थे।
पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि सुधीर एक टैक्सी ड्राइवर है और पहले भी चंडीगढ़ और यमुनानगर में दो ठगी के मामलों में पकड़ा जा चुका है। वहीं, सतीश के खिलाफ चंडीगढ़ में तीन धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए इस प्रकार की ठगी करते थे। पुलिस को यह भी पता चला है कि सुधीर केवल 5वीं कक्षा तक पढ़ा है जबकि सतीश ने 10वीं कक्षा पास की है। सुधीर टैक्सी चलाता है, जबकि सतीश के पास स्थायी रोजगार नहीं है।
अब पुलिस यह जांच कर रही है कि सुधीर और सतीश नशे की सप्लाई कहाँ-कहाँ करते थे और इसे वे किस स्रोत से प्राप्त करते थे। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की जांच की प्रक्रिया जारी है, ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी हासिल की जा सके। इससे न केवल चंडीगढ़, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।