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अमृतसर मेयर चुनाव पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई, कांग्रेस की तुरंत कार्रवाई की अपील!

अमृतसर नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर चल रहे विवाद ने एक नई दिशा ले ली है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की डबल बेंच ने इस मुद्दे पर आज गुरुवार को सुनवाई का निर्णय लिया है। पहले, इस मामले की सुनवाई 21 अप्रैल के लिए तय की गई थी, लेकिन कांग्रेस पार्षद विकास सोनी के वकीलों ने कोर्ट में जल्द सुनवाई की याचिका दायर की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। बता दें कि नगर निगम चुनाव 27 जनवरी 2025 को हुए थे, जिसमें जितेंद्र सिंह मोती भाटिया को मेयर, प्रियंका शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और अनीता रानी को डिप्टी मेयर चुना गया था।

कांग्रेस पार्षद विकास सोनी ने अगले दिन यानि 28 जनवरी को हाई कोर्ट में याचिका दायर कर चुनावों को रद्द करने की मांग की थी। उनके आरोप के अनुसार, कांग्रेस के पास बहुमत होते हुए भी आम आदमी पार्टी की सरकार ने नाजायज तरीके से अपने उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया। इस मामले में पहली सुनवाई 29 जनवरी को हाई कोर्ट की डबल बेंच ने की थी, लेकिन तब किसी भी प्रकार का नोटिस या अगली सुनवाई की तारीख नहीं दी गई। इसके बाद की सुनवाई में हाई कोर्ट ने 9 फरवरी तक फैसला सुरक्षित रखा, और 10 फरवरी को निर्णय लिया गया कि 11 फरवरी को नोटिस ऑफ मोशन जारी किया जाएगा।

बाद में, कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए मतदान के वीडियो और सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत किए, जिसमें साफ दिख रहा है कि शपथ समारोह के दौरान AAP के किसी पार्षद ने शपथ नहीं ली। यह वीडियो हाई कोर्ट के आदेश पर तैयार किया गया था। ऐसे में, आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया गया है कि उसने कोर्ट के आदेशों की अनदेखी करते हुए चुनावों में धांधली की और अपने पक्ष में नतीजे लिए। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के मेयर चुनाव से पहले MK होटल में एक गुप्त बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें नगर निगम के अधिकारी भी उपस्थित थे।

21 दिसंबर 2024 को हुए अमृतसर नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस ने 40 सीटें जीती थीं, जबकि आम आदमी पार्टी को 24, भाजपा को 9, और शिरोमणि अकाली दल को 4 सीटें मिली थीं। चुनाव परिणाम आने के बाद, 7 निर्दलीय और 2 भाजपा पार्षदों ने आम आदमी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया, जबकि 1 निर्दलीय ने कांग्रेस ज्वाइन किया।

मेयर जितेंद्र सिंह मोती भाटिया ने 28 जनवरी को अपने पद का कार्यभार संभाल लिया है, जबकि सीनियर डिप्टी मेयर प्रियंका शर्मा और डिप्टी मेयर अनीता रानी अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाईं हैं। इसके पीछे की वजह हाई कोर्ट के लिखित आदेश का इंतजार करना बताया गया है। इस पूरे मामले ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि आने वाले दिनों में नगर निगम के प्रशासन में भी अस्थिरता के संकेत देने लगे हैं। अब यह देखना बाकी है कि हाई कोर्ट इस विवाद पर क्या निर्णय सुनाएगा।

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