अमेरिका से 119 भारतीयों को जबरन लौटाया जाएगा: अमृतसर एयरपोर्ट पर विमान की लैंडिंग!
अमेरिका द्वारा अवैध रूप से प्रवास करने वाले भारतीयों की दूसरी खेप आज, 15 फरवरी की रात 10 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर लाने की तैयारी है। इस बार कुल 119 भारतीयों को वापस भेजा जाएगा, जिनमें पंजाब के 67 और हरियाणा के 33 लोग शामिल हैं। इसी दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी एयरपोर्ट पहुंचकर डिपोर्ट किए जा रहे नागरिकों से बातचीत करेंगे। इसके अलावा, 16 फरवरी की रात 10 बजे एक अन्य विमान के माध्यम से 157 भारतीयों को भी अमृतसर लाने की योजना है। 5 फरवरी को पहले बैच में 104 भारतीयों को अमेरिकी एयरफोर्स के विमान ग्लोबमास्टर में हथकड़ी और बेड़ियों के साथ भेजा गया था। इस बार डिपोर्टेशन की प्रक्रिया किस प्रकार होगी, इसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार की शाम एयरपोर्ट पर पहुंचकर कहा कि अवैध प्रवासियों को अमृतसर में लाना एक गलत कदम है और यह पंजाब को बदनाम करने का प्रयास है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये लोग भारतीय हैं, तो उन्हें गुजरात, हरियाणा या दिल्ली में क्यों नहीं लाया जा रहा? उनकी यह टिप्पणी उस समय आई है जब पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
पिछले हफ्ते, अमेरिका ने पहली बार सैन्य विमान से भारतीय प्रवासियों को डिपोर्ट किया था। 4 फरवरी को अमेरिका के सैन एंटोनियो से एक सैन्य विमान ने भारतीयों को वापस भेजने का कार्य प्रारंभ किया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ऐसे अवैध प्रवासियों की पहचान की गई थी, जिनमें कुल 205 भारतीय शामिल थे। अमेरिका में लगभग 7 लाख अवैध भारतीय प्रवासी हैं, जिनमें से अधिकांश पंजाब, गुजरात और आंध्र प्रदेश से आते हैं।
अमेरिका में अवैध प्रवासियों की स्थिति पर नजर रखने वाली संस्था ICE के अनुसार, पिछले 3 वर्षों में 90,000 भारतीयों को अवैध रूप से अमेरिकी सीमाओं में प्रवेश करने का प्रयास करते समय पकड़ा गया है। इस संदर्भ में, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी, 2017 को पदभार ग्रहण करने के साथ ही अवैध प्रवासियों की वापसी के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया था। उन्होंने अपने प्रशासन के दौरान अवैध प्रवासियों को निष्कासित करने का संकल्प लिया और इस दिशा में कई कानूनी प्रावधान भी किए।
अंततः, यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका में अवैध प्रवास की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, और इसके समाधान हेतु सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। सभी कदमों के बावजूद यह सवाल उठता है कि इन प्रवासियों की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी कैसे सुनिश्चित की जा सकेगी, विशेषकर जब उन्हें बेड़ियों और हथकड़ियों के साथ भेजा जा रहा है। यह न केवल संबंधित राज्यों बल्कि पूरे देश के लिए एक संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।